Hindi Suvichar
सभी कहते है की अकेले आये है और
अकेले ही जायेगे लेकिन सक तो ये है
की दो लोगो के बिना कोई आता नहीं
और चार लोगो के बिना कोई जाता नहीं
अपने हिसाबसे जिओ लोगो की सोच का क्या-
वो कंडीसन के हिसाब से बदलती रहती है-
आगे चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेक देते है –
और अगर देसी घी में गिरे तो मक्की को फेक देते है
वो कंडीसन के हिसाब से बदलती रहती है-
आगे चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेक देते है –
और अगर देसी घी में गिरे तो मक्की को फेक देते है
संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है,
असंभव से भी आगे निकल जाना.
क्रोध एक ऐसा तेजाब है जो जिस चीज़ पे डाला जाता है उससे,
ज्यादा उस पात्र को नुकसान पहुंचाता है जिसमे वो रखा है
असंभव से भी आगे निकल जाना.
क्रोध एक ऐसा तेजाब है जो जिस चीज़ पे डाला जाता है उससे,
ज्यादा उस पात्र को नुकसान पहुंचाता है जिसमे वो रखा है
Contents
- Hindi Suvichar
- सभी कहते है की अकेले आये है और
- अकेले ही जायेगे लेकिन सक तो ये है
- की दो लोगो के बिना कोई आता नहीं
- और चार लोगो के बिना कोई जाता नहीं
- अपने हिसाबसे जिओ लोगो की सोच का क्या- वो कंडीसन के हिसाब से बदलती रहती है- आगे चाय में मक्खी गिरे तो चाय फेक देते है – और अगर देसी घी में गिरे तो मक्की को फेक देते है
- संभव की सीमा जानने का एक ही तरीका है, असंभव से भी आगे निकल जाना. क्रोध एक ऐसा तेजाब है जो जिस चीज़ पे डाला जाता है उससे, ज्यादा उस पात्र को नुकसान पहुंचाता है जिसमे वो रखा है
Total Views:
0

