Dard ki Shayari
Gam me muskurane vale ko rulaya nahi jata…
Badal ko Barish se juda kiya nahi jata
Pyaar ho jata hain, Bataya nahi jata….
Contents
- Dard ki Shayari
- Gam me muskurane vale ko rulaya nahi jata…
- Badal ko Barish se juda kiya nahi jata
- Pyaar ho jata hain, Bataya nahi jata….
- When I miss you, I feel like I am in the middle of a gloomy, dark, cold winter day.
- अब ढूढ़ रहे हैं वो मुझ को भूल जाने के तरीके, खफा हो कर उसकी मुश्किलें आसान कर दी मैंने ।
- जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं, क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं, तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ, गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं..
- क्या दिन थे बचपन के? जब हँसने पर 100 लोग पुछत थे क्या बात है..बरे खुश हो आज तो उदाशी पर भी कोई पूछने वाला नहीं। काश वो दिन फिर लौट आते।
When I miss you, I feel like I am in the middle of a gloomy, dark, cold winter day.
अब ढूढ़ रहे हैं वो मुझ को भूल जाने के तरीके,
खफा हो कर उसकी मुश्किलें आसान कर दी मैंने ।
खफा हो कर उसकी मुश्किलें आसान कर दी मैंने ।
जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं,
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं,
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं..
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं,
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं..
क्या दिन थे बचपन के?
जब हँसने पर 100 लोग पुछत थे
क्या बात है..बरे खुश हो
आज तो उदाशी पर भी
कोई पूछने वाला नहीं।
काश वो दिन फिर लौट आते।
जब हँसने पर 100 लोग पुछत थे
क्या बात है..बरे खुश हो
आज तो उदाशी पर भी
कोई पूछने वाला नहीं।
काश वो दिन फिर लौट आते।
टूटकर बिखर जाते है वो लोग मिट्टीकी दीवारों की तरह,
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से मुहब्बत किया करते है
जो खुद से भी ज्यादा किसी और से मुहब्बत किया करते है
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