Miss u Shayari

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Miss u Shayari

काश यह जालिम जुदाई न होती ऐ

खुदा तूने यह चीज बनाई न होती

न हम उनसे मिलने न प्यार होता जिन्दगी

जो अपनी थी वो प्यारी न होती

उसकी बाहों में सोने का
अभी तक शौक है मुझको,
मोहब्बत में उजड़ कर भी
मेरी आदत नहीं बदली

लम्हों की दौलत से दोनों ही महरूम रहे,
मुझे चुराना न आया, तुम्हें कमाना न आया

ना जाने इस ज़िद का नतीजा क्या होगा,
समझता दिल भी नहीं मैं भी नहीं और तुम भी नहीं

बिखरी किताबें भीगे पलक और ये तन्हाई,
कहूँ कैसे कि मिला मोहब्बत में कुछ भी नहीं

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