Hindi Love Shayari |

Suvichar in English
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Hindi Love Shayari

जिन्दगी भर दर्द से जित रहे

दरिया पास था आसुओ को पिते रहे

की बार सोच कह दू हाल ऐ दिल उससे

पर न जाने क्यों हम होठो को सीते रहे

वक़्त की हो धूप या तेज़ हो आँधियाँ,
कुछ क़दमों के निशाँ कभी नहीं खोते,
जिन्हें याद करके मुस्कुरा दें ये आँखें,
वो लोग दूर होकर भी दूर नहीं होते..!!

ज़िन्दगी की कशमकश से परेशान बहुत है,
दिल को न उलझाओ ये नादान बहुत है।

यूं सामने आ जाने पर कतरा के गुजरना,
वादे से मुकर जाना उसे आसान बहुत है।

यादें भी हैं, तल्खी भी है, और है मोहब्बत,
तू ने जो दिया दर्द का सामान बहुत है।

अश्क कभी, लहू कभी, आँख से बरसे,
बेदाग़ मोहब्बत का ये अंजाम बहुत है।

तूने तो सुना होगा मेरे दिल का धड़कना,
छूकर भी देख लेना ये बेजान बहुत है।

मुसीबत के साये में मैं हँसता-हँसाता हूँ,
ग़मों से उलझ कर भी मैं मुस्कराता हूँ,
हाथों में मुकद्दर की लकीरें है नहीं लेकिन,

मैं तो अपना मुकद्दर खुद बनाता हूँ।
बहुत तड़प लिए अब उससे बिछड़ कर,
पा जाएँ खोने वाले को अरमान बहुत है।

जगमगाते शहर की रानाइयों में क्या न था,
ढूँढ़ने निकला था जिसको बस वही चेहरा न था,
हम वही, तुम भी वही, मौसम वही, मंज़र वही,
फासले बढ़ जायेंगे इतने मैंने कभी सोचा न था।

फुर्सत मिली जब हमको तो तन्हाई आ गई,
ग़म भी आया साथ में रुसवाई आ गई,
इन सबसे मिलने आँख में आँसू भी आ गए,
जब याद मेरे दिल को तेरी जुदाई आ गई।

मेरी ये जिद नहीं मेरे गले का हार हो जाओ,
अकेला छोड़ देना तुम जहाँ बेज़ार हो जाओ।

बहुत जल्दी समझ में आने लगते हो ज़माने को,
बहुत आसान हो थोड़े बहुत दुश्वार हो जाओ।

मुलाकातों के वफ़ा होना इस लिए जरूरी है, 

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