Hindi Shayari
जिन्दगी तुजसे हर कदम पर समजोता
क्यों किया जाए
शोक जीने का है मगर इतना भी नही
की मर मर कर जिया जाऐ
तुझे चाहा तो बहुत इजहार न कर सके,
कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके,
तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई माँगी,
और हम थे कि तुझे इंकार न कर सके
कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके,
तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई माँगी,
और हम थे कि तुझे इंकार न कर सके
दिल के हर कोने में बसाया है आपको,
अपनी यादों में हर पल सजाया है आपको,
यकीं न हो तो मेरी अॉखों में देख लीजिये,
अपने अश्कों में भी छुपाया है आपको
अपनी यादों में हर पल सजाया है आपको,
यकीं न हो तो मेरी अॉखों में देख लीजिये,
अपने अश्कों में भी छुपाया है आपको
Contents
- Hindi Shayari
- जिन्दगी तुजसे हर कदम पर समजोता
- क्यों किया जाए
- शोक जीने का है मगर इतना भी नही
- की मर मर कर जिया जाऐ
- तुझे चाहा तो बहुत इजहार न कर सके, कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके, तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई माँगी, और हम थे कि तुझे इंकार न कर सके
- दिल के हर कोने में बसाया है आपको, अपनी यादों में हर पल सजाया है आपको, यकीं न हो तो मेरी अॉखों में देख लीजिये, अपने अश्कों में भी छुपाया है आपको
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