Hindi love Shayari
लम्हे ये सुहाने साथ हो न हो
कल मे आज इसी बात हो न हो
आपसे प्यार हमेशा दिल में रहेगा
चाहे पूरी उम्र मुलाक़ात हो न हां
अमल से भी माँगा वफ़ा से भी माँगा,
तुझे मैंने तेरी रज़ा से भी माँगा,
न कुछ हो सका तो दुआ से भी माँगा,
कसम है खुदा की खुदा से भी माँगा
तुझे मैंने तेरी रज़ा से भी माँगा,
न कुछ हो सका तो दुआ से भी माँगा,
कसम है खुदा की खुदा से भी माँगा
नहीं जो दिल में जगह तो नजर में रहने दो,
मेरी हयात को तुम अपने असर में रहने दो,
मैं अपनी सोच को तेरी गली में छोड़ आया हूँ,
मेरे वजूद को ख़्वाबों के घर में रहने दो
मेरी हयात को तुम अपने असर में रहने दो,
मैं अपनी सोच को तेरी गली में छोड़ आया हूँ,
मेरे वजूद को ख़्वाबों के घर में रहने दो
वो राम की खिचड़ी भी खाता है,
रहीम की खीर भी खाता है,
वो भूखा है जनाब उसे,
कहाँ मजहब समझ आता है
रहीम की खीर भी खाता है,
वो भूखा है जनाब उसे,
कहाँ मजहब समझ आता है
Contents
- Hindi love Shayari
- लम्हे ये सुहाने साथ हो न हो
- कल मे आज इसी बात हो न हो
- आपसे प्यार हमेशा दिल में रहेगा
- चाहे पूरी उम्र मुलाक़ात हो न हां
- अमल से भी माँगा वफ़ा से भी माँगा, तुझे मैंने तेरी रज़ा से भी माँगा, न कुछ हो सका तो दुआ से भी माँगा, कसम है खुदा की खुदा से भी माँगा
- नहीं जो दिल में जगह तो नजर में रहने दो, मेरी हयात को तुम अपने असर में रहने दो, मैं अपनी सोच को तेरी गली में छोड़ आया हूँ, मेरे वजूद को ख़्वाबों के घर में रहने दो
- वो राम की खिचड़ी भी खाता है, रहीम की खीर भी खाता है, वो भूखा है जनाब उसे, कहाँ मजहब समझ आता है
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